Saturday, December 23, 2017

'Every artist should remain connected from own root'

Artist Sanju Das in her home studio


"She feels every artist should remain connected from his/her root. After marriage, She have been mostly living in the city but her soul still resides in village for the place where she  had spent most of her childhood and youth. It’s like her first love – hard to forget." 
Artist Sanju Das in conversation with Ashok Jha..

Thursday, December 14, 2017

स्मिता पाटिल : उसे लेकर सभी ने जिंदगी सोची, व्यर्थ के दिवास्वप्न नहीं जिए



ANNI DESK
NEW DELHI I IND

स्मिता पाटिल पर यह लेख दिग्गज साहित्यकार शरद जोशी ने 1986 में नवभारत टाइम्स के लिए लिखा था। उन्होंने लिखा कि 'स्मिता अभिनय में अपनी उम्र से बड़ी हो जाती थी। वह केवल गहरे अहसास की मदद से अपनी अनुभव-सीमा को लांघ जाती थी। इस मामले में वह अपनी समकालीन भारतीय अभिनेत्रियों से बड़ी थी'आगे वह लिखते हैं, 'मुंबई के भ्रष्ट फिल्मी व्यवसाय में, जहां अभिनेत्री के उभरे स्तन और उभरे कूल्हे ही उसका सबसे बड़ा गुण हों, स्मिता इस भ्रष्ट मानसिकता के विरुद्ध एक चुनौती थी। आप स्मिता पर गर्व कर सकते हैं'स्मिता पाटिल के लिए क्या लिखते हैं शरद जोशी, पढ़िए